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धूमल बोले - प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना या केवल किताबी ज्ञान, अब गुजरे जमाने की बात

Written on 12/07/2018
हिमाचल अभी अभी


हमीरपुर। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना या केवल किताबी ज्ञान होना अब गुजरे जमाने की बात है, आजकल के बच्चे शत-प्रतिशत अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए ललायित हैं।किताबी ज्ञान के अलावा अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बच्चे आगे हैं, खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। यह बात डीएवी पब्लिक स्कूल ग्रयोह के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं बल्कि चरित्र निर्माण और योग्यता विकसित कर छात्रों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना होना चाहिए।



धूमल ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करने के साथ उनमें देशभक्ति की भावना भी जगानी चाहिए, ताकि राष्ट्रभक्ति की लौ दिलों में जगा कर ये बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के बाद राष्ट्र सेवा को अपना ध्येय बनाएं। बच्चे अपने लिए नहीं जिएं बल्कि समाजसेवा और राष्ट्र सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करें।



बच्चों को इन कसौटियों पर यदि खरा उतरना है तो उनमें स्वस्थ दिमाग और स्वस्थ शरीर का होना ज़रूरी है, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ समाजविरोधी तत्व अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए देश की युवा पीढ़ी को नशे में डुबो कर बर्बाद कर देना चाहते हैं। नशे में लिप्त बच्चा न अपने घर परिवार और न ही देश के किसी काम आता है, इसलिए नशा रुपी दानव से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सावधान होने की ज़रूरत है।इस अवसर पर पूर्व सीएम ने आयोजित यज्ञ में आहुति डाल कर समाज में शांति और बच्चों के सुनहरे भविष्य की कामना भी की। पूर्व सीएम ने प्रतिभावान छात्रों को भी पुरस्कार बांटे।